लोक प्रशासन सिद्धांत एवं व्यवहार

Rs.1395.00

9788193803493
HB
Academic Publication
प्रिया सिंह
23/36/16
240
2018

Description

लोक प्रशासन मोटे तौर पर शासक के नीति के विभिन्न पहलुओं का विकास, उन पर अमल एवं उनका अध्ययन है | प्रशासन का वह भाग जो सामान्य जनता के लाभ के लिए होता है लोक प्रशासन कहलाता है लोक प्रशासन का संबंध सामान्य नीतियों अथवा सार्वजनिक नीतियों से होता है | एक अनुशासन के रूप में इसका अर्थ वह जनसेवा है जो सरकार के जाने वाले व्यक्तियों का एक संगठन करता है | इसका प्रमुख उद्देश्य और अस्तित्व का आधार सेवा है | इस प्रकार की सेवा उठाने के लिए सरकार को जन का वित्तीय बोझ करों और महसूलों के रूप में राजस्व वसूल कर संसाधन जुटाने पड़ते हैं | जिनकी कुछ आय है उनसे कुछ लेकर सेवाओं के माध्यम से उनका समतापूर्ण वितरण करना इसका उद्देश्य है |

About Author

नाम- डॉ. प्रिया सिंह

शिक्षा- एम.ए. (राजनीतिक शास्त्र), बी.एड., पीएच.डी.

अनुभव- 15 साल तक , गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका के रूप में फर्ज अदा करने के साथ बी.ए. से लेकर पीएच.डी तक का अभ्यास पूर्ण किया |

संप्रति - 2007 से गवर्नमेंट आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज, पडधरी- राजकोट (गुजरात) में ASSI Prof. के रूप में कार्यरत |

अन्य - लेखन, अध्ययन एवं राजनैतिक कार्यक्रम में रुचि | राज्य स्तरीय, एवं अंतर्राष्ट्रीय परी संवादों में प्रतिभागित्व |

Table of Content

  1. लोक प्रशासन
  2. लोक प्रशासन कला या विज्ञान
  3. लोक प्रशासन का विकास
  4. विकास प्रशासन
  5. अफसरशाही
  6. प्रबंधन
  7. निजी प्रशासन
  8. तुलनात्मक राजनीति एवं तुलनात्मक लोक प्रशासन
  9. लोकनीति,विदेश नीति और आर्थिक नीति
  10. लोक प्रशासन में सदाचार एवं नैतिक मूल्य
  11. सामूहिक सौदेबाजी और संगठन प्रदर्शन
  12. भारत में विकास प्रक्रिया
  13. सामाजिक न्याय, प्रशासन तथा मानवाधिकार
  14. लोक प्रशासन की परिस्थिति की