संपादन कला

Rs.1295.00

9788193795798
HB
Academic Publication
राम प्रकाश शर्मा
23/36/16
2018

Description

संपादन का अर्थ है किसी लेख, पुस्तक, दैनिक , सप्ताहिक, मासिक , पत्र या कविता के पाठ, भाषा भाव क्रम को व्यवस्थित करके तथा आवश्यकतानुसार उसमें संशोधन, परिवर्तन या परिवर्धन करके उसे सार्वजनिक प्रयोग अथवा प्रकाशन के प्रयोग बना देना | लेख और पुस्तक के संपादन में भाषा, भाव तथा क्रम के साथ-साथ उसमें आए हुए तथ्य एवं पाठ का भी संशोधन और परिष्कार किया जाता है |

About Author

राम प्रकाश शर्मा

जन्म : 15 जुलाई, 1972 गोरखपुर उत्तर प्रदेश |

शिक्षा : हिंदी भाषा एवं साहित्य में एम. ए. तथा पीएच.डी.|

कार्यक्रम अध्यापन के लंबे अनुभव के साथ अनेक व्याख्यानों, शोध पत्रों एवं संकलनो की रचना व प्रस्तुत | देश-विदेश के अनेक विश्वविद्यालयों व शिक्षण संस्थानों से शैक्षिक संबंध | दूरदर्शन आकाशवाणी के अनेक कार्यक्रमों में भागीदारी | पाकिस्तान के मुशायरे व यू . के. के.अंतरराष्ट्रीय विकासशील लेखक संघ में भारत का प्रतिनिधित्व | अन्य - इंटरनेट की अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन | देश की अनेक सरकारी ,लब्ध - प्रतिष्ठ संस्थाओं द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत / अनेक मानद उपलब्धियां प्राप्त तथा देशों की दर्जनों साहित्यिक सामाजिक संस्थानों से पूरा सक्रियता से संबद्ध | इनके साहित्य पर अनेक शोध कार्य संपन्न | अनेक रचनाएं

Table of Content

  1. संपादन का अर्थ
  2. सिद्धांत और संपादन के तरीकों
  3. रिपोर्टिंग और संपादन का मौलिक नियम
  4. समाचार लेखन और संपादन
  5. पत्र-पत्रिकाओं का विकास और इतिहास
  6. हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता का योगदान
  7. समाज पर पत्रकारिता /जनसंचार का प्रभाव
  8. समाचार लेखन और लेख लेखन
  9. समाचार लेखन: विविध आयाम
  10. समाचार : सिद्धांत और अवधारणा समाचार लेखन
  11. पत्रकारिता के कार्य, सिद्धांत एवं प्रकार
  12. हिंदी भाषा के विकास में पत्र-पत्रिकाओं का योगदान
  13. रिपोर्टर का अर्थ, महत्व, योग्यता एवं उत्तरदायित्व
  14. राष्ट्र विकास में ग्रामीण पत्रकारिता की भूमिका