भूमंडलीकरण और ग्लोबल मीडिया (Bhumandalikaran aur Global Media)

जगदीश्वर चतुर्वेदी, सुधा सिंह

Rs.1895.00

9788169592406
Hardcover
Academic Publication
2026

Description

NA

About Author

जगदीश्वर चतुर्वेदी: मथुरा में 1957 में जन्म। आरंभ में 13 वर्षों तक सिद्धांत- ज्यैतिषशास्त्र का अध्ययन । ज्यौतिषशास्त्र पर आरंभ में दो पुस्तकें प्रकाशित । संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से सिद्धांत ज्यौतिषाचार्य (1979), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से हिंदी में एम.ए. (1981). एमफिल, (1982) (आपातकालीन हिंदी कविता और नागार्जुन), पीएच.डी. (स्वातंत्र्योत्तर हिंदी कविता की मार्क्सवादी समीक्षा का मूल्यांकन), (1986), कलकत्ता विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में सन् 1989 से 2016 तक अध्यापन कार्य, तीन बार विभागाध्यक्ष । साहित्यालोचना और मीडिया पर 58 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित। कलकत्ता विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में सन् 1989 में प्रवक्ता, सन् 1993 में रीडर और सन् 2001 में प्रोफेसर पद पर नियुक्ति । सन् 2016 में रिटायर । प्रकाशित कुछ प्रमुख पुस्तकें - उंबेर्तो इको: चिह्नशास्त्र साहित्य और मीडिया (2012), मीडिया समग्र 11खंडों में (2013), साहित्य का इतिहास दर्शन (2013), डिजिटल कैपीटलिज्म, फेसबुक संस्कृति और मानवाधिकार (2014), इंटरनेट, साहित्यालोचना और जनतंत्र (2014). नामवर सिंह और समीक्षा के सीमात (2016), रामविलास शर्मो परवर्ती पूंजीवाद और साहित्येतिहास की समस्याएं (2017). उत्तर आधुनिकतावाद (2004), तिब्बत दमन और मीडिया (2009), नंदीग्राम, मीडिया और भूमंडलीकरण (2008). स्त्रीवादी साहित्य विमर्श (2000), मार्क्सवादी साहित्यालोचना की समस्याएं, साइबर परिप्रेक्ष्य में हिंदी संस्कृति, उत्तर आधुनिकतावाद और विचारधारा, आधुनिकतावाद और विचारधारा, लेखक विश्वदृष्टि और संस्कृति । सुधा सिंह : जन्म कोलकाता, प. बंगाल । कलकत्ता विश्वविद्यालय से एम. हिंदी (स्वर्ण पदक), सुप्रसिद्ध आलोचक रामविलास शर्मा के आलोचना कर्म पर पीएच.डी । श्री शिक्षायतन महाविद्यालय, कलकत्ता विश्वविद्यालय से व्याख्याता (हिंदी) की नौकरी का आरंभ। तत्पश्चात् विश्वभारती विश्वविद्यालय, प. बंगाल में हिन्दी व्याख्याता के पद पर लगभग पांच वर्षों तक अध्यापन। सन् 2004 में, हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय में रीडर (मीडिया, जर्नलिज्म और अनुवाद) पद पर नियुक्ति । सन् 2010 से हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद पर कार्यरत । सन् 2010-12 तक आईसीसीआर चेयर पर अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान में हिंदी भाषा और साहित्य की संस्थापक विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में कार्य । आलोचना, मीडिया, पत्रकारिता और अनुवाद के क्षेत्र में अनेक पुस्तकें प्रकाशित। बांग्ला से हिंदी में राससुंदरी दासी की आत्मकथा का मेरा जीवन' नाम से अनुवाद। अंग्रेजी से हिंदी में जनमाध्यम, जनतंत्र जनमाध्यम और वर्तमान संकट', 'सूचना समाज' पुस्तकों का संपादन और अनुवाद। महत्वपूर्ण आलोचना पुस्तकों में 'आधुनिक काल और रामविलास शर्मा, ज्ञान का स्त्रीवादी पाठ', 'जनमाध्यम सैद्धांतिकी, स्त्री संदर्भ में महादेवी', 'स्त्री कथा', 'स्त्री अस्मिताः साहित्य और विचारधारा, 'मध्यकालीन साहित्य विमर्श (सं). 'मीडिया प्राच्यवाद और वर्चुअल यथार्थ', 'स्वाधीनता संग्राम हिंदी प्रेस और स्त्री का वैकल्पिक क्षेत्र. 'वैकल्पिक मीडिया लोकतंत्र और नॉम चोमस्की आदि।

Table of Content

भूमिका अध्याय 1 अर्मांड मेतलाई: ग्लोबल संस्कृति और मीडिया अध्याय 2 भूमंडलीकरण, विज्ञापन-बाजार और विचारधारा अध्याय 3 कम्युनिकेशन का वर्ग-विश्लेषण अध्याय 4 स्त्री का माध्यम-रूपायन और मेतलाई अध्याय 5 नई सूचना-विश्वव्यवस्था और मेतलाई अध्याय 6 बोर्दिओ और नव्य-उदारतावाद अध्याय 7 बोर्दिओ, पापुलर कल्चर, संस्कृति और मीडिया अध्याय 8 नव्य-उदारतावाद और समाचार का टूटता तिलिस्म अध्याय 9 ब्रांड, नव्य-उदारतावाद, राज्य और प्रतीकात्मक हिंसा अध्याय 10 मीडिया परिवर्तन, उत्पीड़न का आनंद और फोटोग्राफी अध्याय 11 डिजिटल परिप्रेक्ष्य में मार्शल मैकलुहान अध्याय 12 मार्शल मैकलुहान: मीडिया, संस्कृति और राजनीति अध्याय 13 लॉ ऑफ मीडिया या मीडिया का प्रभाव अध्याय 14 मार्शल मैकलुहान और ग्लोबल विलेज अध्याय 15 मैकलुहान के परिप्रेक्ष्य में संचार और विचारधारात्मक अंतर्क्रियाएं अध्याय 16 मीडिया का अध्ययन कैसे करें अध्याय 17 ज़ीज़ेक के मीडिया चिंतन का आधार अध्याय 18 रिस्क सोसायटी और उसका असंतोष अध्याय 19 भय और आतंक का वस्तुकरण अध्याय 20 मीडिया का बदला हुआ परिप्रेक्ष्य और सांस्कृतिक जाम पुस्तक सूची