आर्थिक भूगोल: एक समकालीन परिचय (Aarthik Bhugol: Ek Samkaleen Parichay)

निर्मला लोहानी

Rs.1695.00

9788169592024
Hardcover
Academic Publication
2026

Description

भूगोल एक अत्यंत विविध और बहुमुखी विषय बन गया है और इसके अध्ययन का क्षेत्र इसकी शुरुआत से ही काफी बढ़ गया है। स्थान के नाम, प्राकृतिक पर्यावरण या मानव की गतिविधि पर प्राकृतिक पर्यावरण के प्रभाव की अवधारणाएं भूगोल की नई और विस्तारित अवधारणाओं के प्रकाश में पुरानी और अस्वीकार्य धारणाएं बन गई हैं। वर्तमान भूगोल पृथ्वी की सतह पर स्थानिक विविधताओं का अध्ययन है; इस प्रकार, यह स्थानिक चरों के बीच संबंधों से संबंधित है और इसे स्थानिक या क्षेत्रीय विज्ञान कहा जा सकता है। भूगोल की मुख्य शाखाओं में से, आर्थिक भूगोल सबसे विकसित शाखा है। यद्यपि यह मानव भूगोल की एक शाखा है, लेकिन अब भौगोलिक अध्ययनों में इसका एक अलग दर्जा है और यह मनुष्य की आलयक गतिविधियों में पृथ्वी की सतह पर क्षेत्रीय विविधताओं से संबंधित है। भूगोल के विभिन्न क्षेत्रों में, आर्थिक भूगोल ने पिछले पचास वर्षों में उल्लेखनीय परिवर्तन का अनुभव किया है, जिसके परिणामस्वरूप विविध विशिष्ट शाखाएँ सामने आई हैं, जैसे कि कृषि, उद्योग, परिवहन, विपणन, संसाधन आदि का भूगोल। आर्थिक भूगोल आलयक गतिविधियों के वितरण और उनके स्थानिक घटना को प्रभावित करने वाले कारकों और प्रक्रियाओं से संबंधित है। पिछले पाँच दशकों में, आर्थिक भूगोल का चरित्र बदल गया है, शुरू में इसका जोर वर्णन से हटकर - दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उत्पादन के बारे में तथ्य जुटाना - स्पष्टीकरण की ओर, पर्यावरणीय नियतिवाद से आर्थिक नियतिवाद की ओर चला गया। ये दोनों परिवर्तन आर्थिक भूगोल में नव-शास्त्रीय अर्थशास्त्र के समावेश से संबंधित हो सकते हैं, जिसमें आर्थिक मनुष्य और इष्टतम स्थान के बारे में यांत्रिक धारणाएँ हैं और इसने औद्योगिक स्वान सिद्धांत और क्षेत्रीय विज्ञान जैसे अध्ययन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जन्म दिया है।

About Author

डॉ. निर्मला लोहानी एस.एस.जे. राजकीय पी.जी. कॉलेज, स्याल्दे, अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड के भूगोल विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उन्हें भूगोल विषय के शिक्षण एवं शोध कार्य का व्यापक अनुभव प्राप्त है। उनकी रुचि के प्रमुख क्षेत्र पर्यावरण भूगोल, पर्यटन भूगोल, ग्रामीण विकास, प्रवासन अध्ययन तथा भू-स्थानिक विश्लेषण हैं। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में अनेक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं तथा विभिन्न शैक्षणिक संगोष्ठियों, सेमिनारों एवं शोध गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई है। अपने शैक्षणिक योगदान के माध्यम से वे विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में भौगोलिक अध्ययन तथा पर्यावरणीय जागरूकता को प्रोत्साहित कर रही हैं।

Table of Content

भूमिका अध्याय 1 आर्थिक भूगोल का परिचय अध्याय 2 मिट्टी अध्याय 3 कृषि और प्रमुख फसलें अध्याय 4 प्राकृतिक वनस्पति अध्याय 5 खनिज संसाधन अध्याय 6 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और व्यापार क्षेत्र अध्याय 7 वस्तु निर्माण उद्योग अध्याय 8 शक्ति संसाधन अध्याय 9 आर्थिक विकास अध्याय 10 खाद्य सुरक्षा संदर्भ सूची