थर्ड जेंडर और हिंदी कथा साहित्य (Third Gender aur Hindi katha Sahitay)

डॉ. श्वेता

Rs.1495.00

9788119680566
Hardcover
Academic Publication
2025

Description

थर्ड जेण्डर और हिन्दी कथा साहित्य', सन् 2000 से 2018 तक इक्कीसवीं शताब्दी की शुरुआत से ही हिजड़ा समुदाय पर केंद्रित कथा साहित्य की रचना की जा रही है, जिसके पश्चात ही लैंगिक-विकलांग विमर्श या किन्नर विमर्श प्रतिष्ठित हुआ। थर्ड जेंडर शब्द 1960-70 के मध्य प्रयोग में लाया जाने लगा। 2012 कि जनगणना के अनुसार यहाँ 25 लाख क्वीर थे। सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में हिजड़ा व ट्रांसजेंडर लोगों को थर्ड जेंडर के रूप में कानूनी मान्यता दी है और सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति विल (2016) पारित किया। भारतीय साहित्य में थर्ड जेंडर को केंद्र में रखकर अनेक रचनाएँ लिखी गई। हिन्दी साहित्य में सर्वप्रथम रविंद्रनाथ टैगोर ने थर्ड जेंडर पर केंद्रित कहानी लिखी। थर्ड जेंडर पर आधारित कथा साहित्य में कथ्य भले ही भिन्न हों, लेकिन तथ्य एक से हैं। उनकी संस्कृति, परम्परा, गुरु की महिमा, उनके व्रत, उत्सव, त्योहार, गीत-संगीत, चाल-ढाल, रहन-सहन, पहनावा, साज-श्रृंगार भाषा के प्रयोग द्वारा कथ्य को जीवंत और प्राणवान बनाता है। इस पुस्तक में थर्ड जेंडर पर आधारित बारह उपन्यास और तीन कहानी संग्रह लिए गए है। इस पुस्तक में आठ अध्याय है। इसका मूल उद्देश्य थर्ड जेंडर समुदाय की जैविक संरचना, उनका मनोवैज्ञानिक विश्लेषण, सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक स्थिति और उनके सांस्कृतिक संदर्भों को रेखांकित करना है। थर्ड जेंडर पर आधारित उपन्यासों व कहानियों के विश्लेषण से न केवल इनकी एक मुकम्मल तस्वीर सामने आएगी, बल्कि इससे थर्ड जेंडर के इतिहास व हिन्दी कथा साहित्य में इनकी विकास यात्रा को समझने में मदद मिलेगी।

About Author

श्वेताः दिल्ली में 1993 में जन्म। शैक्षिक योग्यता- बी.ए. हिन्दी ऑनर्स (2013), एम.ए. हिन्दी (2015), हंसराज महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय। दिल्ली विश्वविद्यालय से एम.फिल. (2017) (किन्नर कथा और तीसरी ताली का तुलनात्मक अध्ययन), पी.एचडी.( हिन्दी कथा साहित्य में थर्ड जेंडर की अवधारणा और स्थिति का अध्ययन, सन् 2000 से 2018 तक) (2022)। यूजीसी नेट-जे आर एफ-2016। दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी-हिंदी स्नातकोत्तर डिप्लोमा (2018)। रामानुजन महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय से मास मीडिया सर्टिफिकेट कोर्स (2019) ।

Table of Content

प्रस्तावना पहला अध्याय सेक्स, जेंडर और थर्ड जेंडर की अवधारणा द्वितीय अध्याय भारतीय चिन्तन और साहित्य में थर्ड जेंडर की स्थिति तृतीय अध्याय संविधान और थर्ड जेंडर चतुर्थ अध्याय थर्ड जेंडर पर आधारित उपन्यासों का विश्लेषण भाग (1) पाँचवा अध्याय थर्ड जेंडर पर आधारित उपन्यासों का विश्लेषण भाग (2) छठा अध्याय भाग (1) सातवां अध्याय थर्ड जेंडर पर आधारित कहानियों का विश्लेषण भाग (2) आठवाँ अध्याय थर्ड जेंडर पर आधारित उपन्यासों और कहानियों में भाषा-शैली उपसंहार संदर्भ ग्रंथ सूची